गर्भयात्रा — 9 महीने का विकास
हर महीने बच्चे में क्या बदलता है और माँ को क्या ध्यान रखना चाहिए?
गर्भावस्था के हर महीने बच्चे का विकास, माँ के शरीर में होने वाले बदलाव और जरूरी देखभाल अलग होती है। यहाँ पहले महीने से लेकर जन्म तक की पूरी गर्भयात्रा आसान भाषा में महीने के अनुसार समझें।
पीरियड्स मिस होने से कई महिलाओं को प्रेगनेंसी का पता चलता है। हालांकि, मेडिकल गिनती आखिरी पीरियड के पहले दिन से होती है। इसलिए टेस्ट पॉजिटिव आने तक प्रेगनेंसी के लगभग चार हफ्ते पूरे हो चुके होते हैं।

शुरुआती दो हफ्तों में शरीर गर्भधारण के लिए तैयार होता है; अभी भ्रूण नहीं बना होता। तीसरे हफ्ते में फर्टिलाइज्ड सेल गर्भाशय की ओर बढ़ती है और चौथे हफ्ते में उसकी दीवार से जुड़ जाती है। इस समय एमनियोटिक सैक, योक सैक और प्लेसेंटा की रचना शुरू होती है।

थकान, ज्यादा नींद, स्तनों में भारीपन, पेट में हल्का खिंचाव या थोड़ी स्पॉटिंग (Spotting) हो सकती है। शुरुआत में कोई लक्षण न दिखे तो भी यह सामान्य हो सकता है।
यह महीना बच्चे के शुरुआती विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। नन्हा भ्रूण अब तेजी से आकार लेने लगता है।

मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, हृदय और अन्य मुख्य अंगों की प्रारंभिक रचना होती है। हाथ-पैर की छोटी कलियां तथा आंख, कान और चेहरे के भाग बनने लगते हैं। हृदय की धड़कन शुरू हो जाती है, लेकिन वह अल्ट्रासाउंड में कब दिखेगी यह प्रेगनेंसी की सटीक तारीख पर निर्भर करता है।
मतली (Nausea) या उल्टी, थकान, ज्यादा नींद, बार-बार पेशाब आना, गंध के प्रति संवेदनशीलता और मूड स्विंग्स हो सकते हैं। मतली सिर्फ सुबह ही हो, ऐसा जरूरी नहीं।
पहली तिमाही के अंत तक बच्चे के शरीर का मूल आकार ज्यादा स्पष्ट होने लगता है।

चेहरा, हाथ-पैर, उंगलियां और नाखूनों की रचना आगे बढ़ती है। मुख्य आंतरिक अंग बन चुके होते हैं और अब उनका विकास जारी रहता है। बच्चा छोटी हलचल कर सकता है, लेकिन माँ को आमतौर पर अभी यह महसूस नहीं होता। निगलने और चूसने की प्रारंभिक क्रियाएं भी विकसित होती हैं।

मतली और थकान धीरे-धीरे कम होने लग सकती है। कब्ज, एसिडिटी, सिरदर्द, मूड में बदलाव या पेट का हल्का उभार महसूस हो सकता है।
गर्भावस्था की दूसरी तिमाही की शुरुआत के साथ बच्चे का शरीर तेजी से बढ़ता है और कई माताओं को शुरुआती तकलीफों से राहत मिलती है।

हड्डियां और मांसपेशियां ज्यादा मजबूत बनती हैं। चेहरे के हाव-भाव, हाथ-पैर की हलचल और चूसने की क्रिया विकसित होती है। बच्चा कुछ ऊंची आवाजों पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर सकता है।

मतली और थकान कम हो सकती है तथा भूख और ऊर्जा में वृद्धि हो सकती है। पेट दिखने लगता है। पेट के किनारों पर खिंचाव, स्तनों में बदलाव तथा नाक या मसूड़ों से हल्का खून आ सकता है।
इस महीने कई माताएं पहली बार बच्चे की हलचल महसूस करती हैं। शुरुआत में यह पेट में तितली फड़फड़ाने या छोटा बुलबुला फूटने जैसा लग सकता है।

बच्चे के सुनने से जुड़े अंग विकसित होते हैं और वह बाहर की आवाजें सुनने लगता है। सोने और जागने की छोटी लय (Pattern) बनती है। शरीर पर बारीक बाल तथा सिर के बाल और भौहों का विकास होता है।

पीठ दर्द, एसिडिटी, पैरों में ऐंठन (Cramps), त्वचा पर स्ट्रेच मार्क्स और पैरों में हल्की सूजन हो सकती है। शरीर का संतुलन भी बदल सकता है।
बच्चे की हलचल अब अधिक मजबूत और स्पष्ट हो जाती है। माँ और परिवार की जानी-पहचानी आवाजों पर भी वह प्रतिक्रिया दे सकता है।

मस्तिष्क, फेफड़े और इंद्रियों का विकास तेजी से आगे बढ़ता है। बच्चा आवाज और स्पर्श पर प्रतिक्रिया दे सकता है। आंखें धीरे-धीरे खुलने लगती हैं। बच्चे को हिचकी आने जैसी लयबद्ध हलचल भी महसूस हो सकती है।

पीठ दर्द, पैरों में ऐंठन, एसिडिटी, कब्ज, नींद में परेशानी और हाथ-पैरों में हल्की सूजन हो सकती है। कभी-कभी डिलीवरी की तैयारी स्वरूप अनियमित खिंचाव—ब्रेक्सटन हिक्स कॉन्ट्रैक्शन (Braxton Hicks)—भी महसूस हो सकता है।
गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में बच्चे का मस्तिष्क और शरीर तेजी से विकसित होता है। उसकी हलचल अब अधिक नियमित और शक्तिशाली महसूस हो सकती है।

मस्तिष्क का विकास तेजी से आगे बढ़ता है। फेफड़े विकसित होते रहते हैं, लेकिन अभी पूरी तरह परिपक्व (Mature) नहीं हुए हैं। बच्चा आंखें खोल-बंद कर सकता है और प्रकाश तथा आवाज के प्रति प्रतिक्रिया देता है।

सांस फूलना, एसिडिटी, कब्ज, पीठ या पेल्विस में दर्द, नींद में परेशानी और पैरों में सूजन हो सकती है। बार-बार पेशाब जाने की जरूरत भी बढ़ सकती है।
बच्चे का वजन अब तेजी से बढ़ता है। गर्भाशय में जगह कम होती जाती है, फिर भी बच्चे की हलचल नियमित महसूस होनी चाहिए।

बच्चे के शरीर पर चर्बी बढ़ती है, जो जन्म के बाद शरीर का तापमान बनाए रखने में मदद करेगी। मस्तिष्क और फेफड़े अधिक परिपक्व बनते हैं। कई बच्चे इस दौरान सिर नीचे की तरफ (Head-down) करना शुरू करते हैं, लेकिन स्थिति अभी भी बदल सकती है।

डिलीवरी की तैयारी वाले अनियमित खिंचाव ज्यादा बार महसूस हो सकते हैं। पेल्विस में दबाव, पीठ दर्द, बार-बार पेशाब, नींद में परेशानी और हाथ-पैरों में सूजन हो सकती है।
बच्चा अब जन्म के लिए लगभग तैयार है। डिलीवरी की तारीख सिर्फ एक अनुमान होती है; बच्चे का जन्म उससे पहले या बाद में भी हो सकता है।

बच्चे के मुख्य अंग लगभग परिपक्व हो चुके होते हैं। शरीर में चर्बी और वजन बढ़ता रहता है। ज्यादातर बच्चे जन्म के लिए सिर नीचे की स्थिति (Cephalic position) में आ जाते हैं।

पेल्विस में दबाव, बार-बार पेशाब, पीठ दर्द, नींद में परेशानी और अनियमित खिंचाव बढ़ सकता है। बच्चा नीचे खिसकने (Drop) पर सांस लेने में थोड़ी राहत मिल सकती है। गर्भाशय के मुंह का सुरक्षात्मक आवरण—म्यूकस प्लग (Mucus plug)—निकलना, पानी की थैली फटना या नियमित संकुचन (Contractions) डिलीवरी शुरू होने के संकेत हो सकते हैं।
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